विवरण
Tumul kolahal kalah me Subjective Q & A
आधारित पैटर्न | बिहार बोर्ड, पटना |
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कक्षा | 12 वीं |
संकाय | कला (I.A.), वाणिज्य (I.Com) & विज्ञान (I.Sc) |
विषय | हिन्दी (100 Marks) |
किताब | दिगंत भाग-2 |
प्रकार | प्रश्न-उत्तर |
अध्याय | पद्य-6 | तुमुल कोलाहल कलह में – जयशंकर प्रसाद |
कीमत | नि: शुल्क |
लिखने का माध्यम | हिन्दी |
उपलब्ध | NRB HINDI App पर उपलब्ध |
श्रेय (साभार) | रीतिका |
हृदय की बात का क्या कार्य है ?
उत्तर
जब हम अत्यधिक कोलाहल कलह अशांति और परेशानी में घिरे जाते हैं। उस समय ह्रदय की बात का कार्य है। हमारे मन को शांति और आराम पहुँचाना। जब हमारा दिमाग सोचकर परेशान हो जाता, थक जाता है। उस वक्त जो विचार हमारे दिमाग को शांति देती है। वह अच्छे विचार ही ह्रदय की बात का प्रतीक है।
कविता में उषा की किस भूमिका का उल्लेख है?
उत्तर
उषा का अर्थ होता है। भोर की पहली प्रकाश कविता में उषा की भूमिका है। मन को घोर अंधकार से ज्योति रेखा की तरह आराम और आनंद की प्रकाश की ओर ले जाना।